Saturday, December 24, 2011

पहले पुलिस, नेता,फिर ठीकेदार और अब पत्रकार इन सब से समाज का विश्वाश उठ रहा है ,फिर तो इस लोकतंत्र को कौन बछायेगा ,कृपया दूषित मानसिकता क़े लोग पत्रकारिता न करे समाज का बरा ही भला होगा.